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Net House Farming: डॉ. कमलेश बताते हैं कि नेट हाउस में कोई भी किसान 1 साल में सब्जी की 4 फसल ले सकता है, जिसमें टमाटर, खीरा, शिमला मिर्च जैसी फसलें हैं. पहले साल में ही इस नेट हाउस का पूरा खर्चा निकल सकता है. इसके बाद पांच साल किसान अच्छा खासा कमा सकते हैं.
Chhatarpur News: आधुनिक खेती में किसान नेट हाउस फार्मिंग की तरफ बढ़ रहे हैं. हालांकि, अभी बहुत से किसानों को इसके बारे में नहीं पता है. अगर आपके मन में भी नेट हाउस (Net House) क्या है? इससे फायदा कैसे होता है? इसे लगाने के लिए जगह कितनी चाहिए? कितनी लागत आती है? जैसे सवाल हैं तो इस रिपोर्ट में आपको जवाब मिल जाएगा.
छतरपुर नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. कमलेश बताते हैं कि नेट हाउस एक आधुनिक कृषि तकनीक है, जिसमें लोहे के पाइप या बांस के ढांचे पर जालीदार नेट (शेड नेट) लगाकर फसल उगाई जाती है. यह फसलों को तेज धूप, हानिकारक कीड़ों, पक्षियों और भारी बारिश से बचाता है. यह एक नियंत्रित वातावरण प्रदान करता है, जिससे बेमौसम सब्जियां और फूलों की खेती संभव होती है.
250 वर्गमीटर में भी नेट हाउस लगाएं
डॉ. कमलेश बताते हैं कि अगर किसान 250 वर्ग मीटर में नेट लगवाते हैं तो 1 लाख 60 हजार रुपए खर्च आता है. हालांकि, इसमें 50 फीसदी सब्सिडी भी मिलती है. आप इस छोटी सी जगह में भी सब्जियां लगाते हैं तो आप सालभर में डेढ़ लाख का मुनाफा कमा सकते हैं. हम किसानों को सलाह देते हैं कि वह व्यापार के तौर पर 2 से 4 हजार वर्गमीटर में नेट हाउस लगवाते हैं तो अच्छा-खासा मुनाफा होता है.
1 साल में 4 फसलें
डॉ. कमलेश बताते हैं कि नेट हाउस में कोई भी किसान 1 साल में सब्जी की 4 फसल ले सकता है, जिसमें टमाटर, खीरा, शिमला मिर्च जैसी फसलें हैं. पहले साल में ही इस नेट हाउस का पूरा खर्चा निकल सकता है. इसके बाद पांच साल किसान अच्छा खासा कमा सकते हैं. यह नेट हाउस खासतौर से बुंदेलखंड की भीषण गर्मी, तेज गर्म हवाओं से फसलों को बचाता है. इस नेट हाउस से किसान जुलाई से अक्टूबर तक खीरा, सितंबर से अप्रैल तक टमाटर, शिमला मिर्च की फसल प्राप्त कर सकते हैं.
नेट हाउस का खर्च करीब डेढ़ लाख
एक नेट हाउस में 300 से ज्यादा पौधे लगाए जा सकते हैं, जिन्हें वर्टिकल ग्रोथ दी जाती है. डॉ. कमलेश का कहना है कि खासतौर से छोटे किसानों को ध्यान में रखते हुए नेट हाउस का डिजाइन विकसित किया गया है. डेढ़ लाख में एक किसान अपने खेत में इसे लगा सकते हैं.
नेट हाउस और पॉली हाउस में क्या अंतर?
डॉ. कमलेश बताते हैं कि नेट हाउस आठ मीटर चौड़ा, 16 मीटर लंबा और करीब 4 मीटर की ऊंचाई का होता है. इसमें ढाई मीटर की उंचाई में तार लगाकर पौधों को स्थिर किया जाता है. इसमें सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर ड्रापिंग सिस्टम लगा होता है. पॉली हाउस एक एकड़ में लगता है, जिसकी लागत करीब 40 लाख आती है, जबकि नेट हाउस छोटी जगह पर महज डेढ लाख में कम मेंटेंनस पर लगाया जा सकता है.
मेंटेनेंस पर खर्च कम
डॉ. कमलेश बताते हैं कि नेट हाउस की मेंटनेंस कॉस्ट बहुत कम है. लागत भी कम आती है. कोई भी छोटा किसान इसे लगा सकता है. खुद ही मेंटेनेंस कर सकता है. नेट हाउस में गर्मी के दिनों में तापमान का असर पौधों पर नहीं होता है. पॉली हाउस तकनीक भी कारगर है, लेकिन वह बहुत महंगी होती है. उसमें तकनीक का भी उपयोग होता है. नेट हाउस बहुत आसान है. नेट हाउस जाली से बना होता है, जो हवा आने देता है (कम तापमान के लिए), जबकि पॉली हाउस प्लास्टिक शीट से ढका होता है जो गर्मी को अंदर रोकता है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें