नरसिंहपुर जिला अस्पताल के शव परीक्षण गृह में मंगलवार को उस समय हंगामा मच गया, जब एक शव की पहचान को लेकर परिजनों ने संदेह जताया। परिजनों ने शव बदल दिए जाने का आरोप लगाते हुए डीएनए जांच की मांग कर दी। लगभग दो घंटे तक चले इस विवाद के बाद पुरानी तस्वीरों और शरीर के पहचान चिन्हों के आधार पर शव की पुष्टि होने पर मामला शांत हुआ। यह घटना सोमवार दोपहर मुंगवानी थाना क्षेत्र के डुडवारा स्थित रॉयल ट्रेडर्स फ्लोर मिल में हुए एक हादसे से जुड़ी है। गोटेगांव के ग्राम महगुंवा सर्रा निवासी 43 वर्षीय धर्मेंद्र कुशवाहा गेहूं के एक गहरे टैंक में गिर गए थे। भारी मात्रा में गेहूं के दबाव और दम घुटने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। परिजनों के देर से पहुंचने के कारण शव को रातभर पीएम हाउस में सुरक्षित रखा गया था। चेहरे पर सूजन आने पर भ्रम की स्थिति बनी मंगलवार सुबह जब पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हुई, तो शव को देखते ही कुछ परिजन भड़क उठे। उन्होंने दावा किया कि यह वह शव नहीं है जिसे उन्होंने पहले देखा था, और आरोप लगाया कि शव बदल दिया गया है या गायब कर दिया गया है। दरअसल, तेज गर्मी के कारण रातभर में शव में सूजन आ गई थी, जिससे चेहरे और शरीर का स्वरूप काफी बदल गया था। इसी बदलाव के कारण परिजनों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। अस्पताल का फ्रीजर है खबरा अस्पताल में मौजूद फ्रीजर खराब होने के कारण शवों को सामान्य प्लेटफार्म पर रखना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में इस स्थिति के कारण शवों में तेजी से बदलाव होने लगता है, और यही इस पूरे विवाद की मुख्य वजह बनी। स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल चौकी पुलिस ने मोर्चा संभाला। मृतक के पुत्र सहित कुछ परिजन शव को पहचान रहे थे, जबकि अन्य रिश्तेदार असहमति जता रहे थे। पुलिस ने परिजनों को आश्वस्त किया कि शव परीक्षण गृह पूरी तरह सुरक्षित है और शव की अदला-बदली संभव नहीं है। विशेष पहचान चिन्हों से मिलान किया इसके बाद सोमवार को ली गई तस्वीरों और शरीर के विशेष पहचान चिन्हों का मिलान कराया गया। साक्ष्यों के आधार पर परिजन संतुष्ट हुए और मामला शांत हो गया। इसके उपरांत पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव भेज दिया गया।
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