निवाड़ी के छोटा तालाब में जलकुंभी-गंदगी से मर रहीं मछलियां: लोग बोले-‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ सिर्फ कागजों तक सीमित – Niwari News

निवाड़ी के छोटा तालाब में जलकुंभी-गंदगी से मर रहीं मछलियां:  लोग बोले-‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ सिर्फ कागजों तक सीमित – Niwari News




निवाड़ी जिला मुख्यालय का छोटा तालाब इन दिनों बदहाली का शिकार बना हुआ है। नगर की पहचान रहा यह तालाब अब जलकुंभी और गंदगी से भर गया है। हालात ऐसे हैं कि तालाब में मछलियां ऑक्सीजन की कमी से मर रही हैं, जो प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है। अभियान के बावजूद नहीं सुधरे हालात
मध्य प्रदेश सरकार हर साल पुराने तालाबों, नदियों और बावड़ियों की सफाई और सुधार के लिए ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ चलाती है। इस साल भी यह अभियान 19 मार्च से शुरू होकर 30 जून तक चल रहा है। इसका उद्देश्य जल स्तर बढ़ाना और जल स्रोतों को साफ रखना है, लेकिन निवाड़ी के छोटे तालाब की स्थिति इस अभियान की हकीकत को सामने लाती है। जलकुंभी और गंदगी से घिरा तालाब
तालाब में चारों ओर जलकुंभी फैल चुकी है और पानी पूरी तरह हरा नजर आता है। आसपास के घरों का गंदा पानी भी सीधे तालाब में मिल रहा है, जिससे पानी और ज्यादा दूषित हो रहा है। जलकुंभी की मोटी परत के कारण पानी में ऑक्सीजन की कमी हो रही है, जिससे मछलियां मर रही हैं। अतिक्रमण भी बड़ी समस्या
तालाब के चारों ओर अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। इससे तालाब का आकार छोटा होता जा रहा है और उसकी प्राकृतिक स्थिति प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो यह तालाब पूरी तरह खत्म हो सकता है। पिछले साल की सफाई भी बेअसर
पिछले वर्ष ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत तालाब की कुछ सफाई कराई गई थी, लेकिन वह प्रयास ज्यादा दिन तक असरदार नहीं रहा। इस साल अभियान चलने के बावजूद तालाब की हालत जस की तस बनी हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी है।



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