Last Updated:
Satna News: पे सेवन ऐप का बड़ा फायदा छोटे व्यापारियों को भी मिल रहा है. इसके जरिए दुकानदार अपने बिजनेस को लिस्ट कर सकते हैं और आसपास के ग्राहकों तक आसानी से पहुंच बना सकते हैं.
सतना. तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में जहां हर सर्विस के साथ यूजर्स को एडिशनल फीस का बोझ उठाना पड़ता है. वहीं सतना के एक युवा उद्यमी ने इसी परेशानी को अवसर में बदलकर अपनी अलग पहचान बना ली. करीब पौने दो लाख रुपये महीने की नौकरी छोड़कर उन्होंने ऐसा स्टार्टअप खड़ा किया, जो न सिर्फ आम लोगों को राहत दे रहा है बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है. लोकल 18 से बातचीत में ‘पे सेवन’ के फाउंडर और डायरेक्टर प्रिंस मिश्रा ने बताया कि लंबे समय तक टेलीकॉम इंडस्ट्री में काम करने के दौरान उन्होंने देखा कि कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स यूजर्स और छोटे व्यापारियों से अनावश्यक शुल्क वसूलते हैं. इससे न तो व्यापारियों को सीधा फायदा मिलता है और न ही ग्राहकों को राहत. इसी समस्या को हल करने के लिए उन्होंने खुद का ऐप तैयार करने का फैसला लिया.
उन्होंने कहा कि करीब 22 साल के अनुभव के बाद उन्होंने अपनी हाई पैकेज नौकरी को अलविदा कह दिया. उस समय उनकी सैलरी लगभग 1.82 लाख रुपये प्रति माह थी लेकिन उन्होंने जोखिम उठाते हुए बिजनेस की राह चुनी. उनका मानना है कि नौकरी अनुभव देती है लेकिन बिजनेस व्यक्ति को आगे बढ़ने का असली मौका देता है.
400 से ज्यादा सर्विसेज पर कैशबैक
प्रिंस के इस ऐप की खास बात यह है कि इसमें 400 से ज्यादा रोजमर्रा की सेवाओं पर कैशबैक दिया जा रहा है, वह भी बिना किसी प्लेटफॉर्म फीस के. इसमें मोबाइल रिचार्ज, डीटीएच, गैस सिलेंडर बुकिंग, बिजली बिल भुगतान, बस टिकट जैसी कई सेवाएं शामिल हैं. हर ट्रांजेक्शन पर यूजर्स को पॉइंट्स के रूप में कैशबैक मिलता है, जिससे वे भविष्य में सेविंग कर वॉलेट में ट्रांसफर कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि उनका मॉडल सरल है. अगर कंपनी दो रुपये कमाती है, तो उसमें से 50 पैसे यूजर को कैशबैक के रूप में वापस कर दिए जाते हैं.
छोटे व्यापारियों को भी मिल रहा फायदा
इस प्लेटफॉर्म का एक बड़ा फायदा छोटे व्यापारियों को भी मिल रहा है. ऐप के जरिए दुकानदार अपने बिजनेस को लिस्ट कर सकते हैं और आसपास के ग्राहकों तक आसानी से पहुंच बना सकते हैं. सिटी ऑफर और सिटी सर्विस जैसे फीचर्स के माध्यम से लोकल मार्केट को बढ़ावा दिया जा रहा है. वर्तमान में इस प्लेटफॉर्म से करीब 350 कंपनियां जुड़ी हुई हैं और रोजाना 500 से 600 दुकानदार सर्विसेज में कैशबैक लेकर लाभ उठा रहे हैं.
सुरक्षा और सपोर्ट पर खास ध्यान
डिजिटल ट्रांजेक्शन को सुरक्षित बनाने के लिए ऐप में तीन स्तर की सुरक्षा दी गई है, जिसमें ओटीपी, फिंगरप्रिंट और पासवर्ड शामिल है. इसके अलावा 24×7 कस्टमर सपोर्ट भी उपलब्ध है, जिससे यूजर्स को किसी भी समस्या का तुरंत समाधान मिल सके.
कम समय में करोड़ों का टर्नओवर
पिछले डेढ़ से दो साल के भीतर इस स्टार्टअप ने करीब पांच करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया है. वर्तमान में करीब 1000 सक्रिय यूजर्स इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं और कंपनी का लक्ष्य इसे कई शहरों तक विस्तार देना है. प्रिंस का विजन है कि आने वाले समय में यह प्लेटफॉर्म अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दे और छोटे व्यापारियों के लिए एक मजबूत डिजिटल नेटवर्क तैयार करे. प्रिंस ने कहा कि करियर की शुरुआत में नौकरी करना जरूरी है क्योंकि इससे सीखने का मौका मिलता है लेकिन अगर सही अवसर मिले, तो बिजनेस का जोखिम जरूर लेना चाहिए. उनका मानना है कि असफलता भी इंसान को सिखाती है और आगे बढ़ने की राह दिखाती है.
About the Author
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.