सिंहस्थ के लिहाज़ से सबसे महत्वपूर्ण एमआर-12 ने रफ़्तार पकड़ ली है। क़रीब 10 किमी लंबी सड़क का 5 किमी का हिस्सा लगभग बन चुका है। नदी पर बनने वाले पुल का काम भी तेज़ी से चल रहा है, वहीं रेलवे ओवर ब्रिज के टेंडर एक-दो महीने में हो जाएंगे। क़रीब 18 महीने में आरओबी भी बनकर तैयार हो जाएगा। साइट क्लियर होने से यहां काम तेज़ी से जारी है। अगले साल अंत तक एमआर-12 शुरू हो जाएगा। इससे इंदौर-उज्जैन रोड का लोड काफ़ी हद तक कम हो जाएगा। सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े के मुताबिक एमआर-12 पर तीन अलग-अलग हिस्सों में काम चल रहा है। तीनों जगह पर तीन शिफ्ट में काम किया जा रहा है। 5 किमी की रोड बनकर लगभग तैयार हो गई है। बस्ती को शिफ्ट किए जाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन और पुलिस की मदद से नगर निगम बस्ती वालों को फ़्लैट में शिफ्ट करेगी। बस्ती का निरीक्षण भी कर लिया गया है। एमआर-12 बनने से जिन्हें इंदौर नहीं आना है, वे बाहर से ही निकल जाएंगे। एमआर-12 प्रोजेक्ट अड़चन इधर, गर्डर लॉन्चिंग पूरी, फिनिशिंग व लोड टेस्टिंग की हो रही तैयारी बाणगंगा से सांवेर तरफ जाने वाला डबल डेकर ब्रिज भी दो महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। गर्डर लॉन्चिंग का काम पूरा हो चुका है। दोनों तरफ सॉलिड एप्रोच (ढलान) भी बनकर तैयार हो चुकी है। अब फिनिशिंग और लोड टेस्टिंग का काम किया जाएगा। बारिश से पहले यह ब्रिज शुरू हो जाएगा।
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