वीडियो जिसमें मानक मोबाइल बचाते हुए नजर आ रहा है।
जबलपुर में सोमवार दोपहर खिरैनी निवासी 25 वर्षीय युवक मानक वर्मा की नर्मदा नदी में डूबने से मौत हो गई। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे खदेड़ा, जिससे वह बचने के लिए नदी की ओर भागा और छलांग लगा दी।
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इस बीच मंगलवार को घटना से पहले का एक 6 सेकेंड का वीडियो सामने आया है, जिसमें घाट किनारे पुलिसकर्मी उसे बुलाते नजर आ रहे हैं, जबकि मानक उर्फ आकाश नदी में एक हाथ से तैरते हुए दिख रहा है और दूसरे हाथ में मोबाइल ऊपर पकड़े हुए है।
बताया जा रहा है कि करीब 10 मिनट तक तैरने के बाद वह थक गया और गहराई में डूब गया। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पुलिस-प्रशासन व माइनिंग विभाग पर गंभीर आरोप लगाए।
मृतक मानक वर्मा का परिवार।
बूढ़े माता-पिता का इकलौता सहारा
मानक अपने बुजुर्ग माता-पिता का इकलौता सहारा था। परिवार में पत्नी और डेढ़ साल का बच्चा है, जबकि पत्नी गर्भवती बताई जा रही है। कुछ समय पहले तक वह शहर में मजदूरी करता था, लेकिन दो माह पहले काम छूटने के बाद गांव में दोस्तों के साथ रेत निकालने का काम करने लगा था। एक बोरी रेत निकालने पर 20 रुपए मिलते थे और दिनभर में 200 रुपए तक कमा लेता था।

नदी पर कार्रवाई करती टीम।
रोज नदी पार कर करते थे काम
साथियों के अनुसार, रोजगार न मिलने के कारण करीब 8 युवक रोज खिरैनी से जमतरा तक नाव से नदी पार कर रेत निकालते थे और पास के बिलहरी-तिलहरी क्षेत्र में बेचते थे। कभी-कभी ट्रॉली का काम मिलने पर 3 हजार रुपए तक मिलते थे, जिसमें से नाव का किराया भी देना पड़ता था। एक साथी ने बताया कि काम जोखिम भरा था, लेकिन “मैनेज” करने पर चलता था।

कार्रवाई के दौरान पुलिस व ग्रामीणों में हंगामा भी हुआ था।
मोबाइल बचाने की कोशिश में डूबा
मानक ने कुछ माह पहले 15 हजार रुपए का मोबाइल फाइनेंस पर लिया था। घटना के दौरान वह एक हाथ से तैरते हुए दूसरे हाथ से मोबाइल को पानी से बचाने की कोशिश करता रहा। बताया जा रहा है कि थकान और घबराहट के चलते उसकी सांस फूलने लगी और वह डूब गया।
पानी पीने के बहाने भागा, लगाई छलांग
सोमवार को कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम और पुलिस टीम जमतरा घाट पहुंची थी। बताया गया कि मानक को पकड़कर एक एसआई के पास बैठाया गया था। उसने पानी पीने की बात कही और जैसे ही थोड़ा दूर गया, अचानक भागकर नदी में कूद गया।

शव रखकर परिजन ने चक्काजाम भी किया था।
चक्काजाम, प्रशासन ने दिया आश्वासन
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन और ग्रामीणों ने जबलपुर-मंडला रोड पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। मौके पर एसडीएम और पुलिस अधिकारी पहुंचे और समझाइश दी। प्रशासन ने चार लाख रुपए की सहायता राशि, बीपीएल कार्ड और अन्य योजनाओं का लाभ देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ।
पुलिस और माइनिंग पर गंभीर आरोप
परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बड़े खनन माफिया को संरक्षण मिलता है, जबकि छोटे स्तर पर काम करने वालों पर कार्रवाई की जाती है। उनका कहना है कि अवैध खनन खुलेआम चल रहा है, लेकिन उस पर कोई सख्ती नहीं होती।
खनिज विभाग ने किया किनारा
जिला खनिज अधिकारी एके राय ने कहा कि इस कार्रवाई में खनिज विभाग की कोई भूमिका नहीं थी। उनके अनुसार, मौके पर केवल एसडीएम और पुलिस टीम गई थी।
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माइनिंग टीम से डरकर नर्मदा में लगाई छलांग, मौत मध्य प्रदेश के जबलपुर में अवैध खनन के खिलाफ सोमवार दोपहर करीब 2 बजे रेड के दौरान माइनिंग टीम से डरकर युवक ने नर्मदा नदी में छलांग लगा दी। डूबने से उसकी मौत हो गई। उसके 4-5 साथी मौके से भाग गए। मामला बरेला थाना क्षेत्र के खिरैनी रेत घाट का है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान 25 वर्षीय मानक वर्मा, निवासी ग्राम जमतरा के रूप में हुई है।पूरी खबर पढ़ें