छिंदवाड़ा के तामिया ब्लॉक में एम्बुलेंस के देर से पहुंचने के कारण गर्भवती महिला की जान चली गई। मामला टॉपरवानी गांव का है, जहां गुरुवार को एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल जननी 108 एम्बुलेंस को कॉल किया, लेकिन उन्हें बताया गया कि चावलपानी में एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं है। दरअसल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने एम्बुलेंस पंचर हालत में खड़ी थी। इसके बाद पगारा से एम्बुलेंस भेजी गई, जो करीब 100 किलोमीटर दूर से 4-5 घंटे में गांव पहुंची। तब तक महिला की घर पर ही डिलीवरी हो चुकी थी। परिजन जल्दबाजी में महिला को उसी एम्बुलेंस से चावलपानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे तामिया रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस में नहीं थी ऑक्सीजन की व्यवस्था
बताया जा रहा है कि पगारा से आई एम्बुलेंस में ऑक्सीजन की भी व्यवस्था नहीं थी। बाद में चावलपानी स्वास्थ्य केंद्र से ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था कर महिला को तामिया भेजा गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर चावलपानी में खड़ी जननी एक्सप्रेस (एम्बुलेंस) समय पर ठीक होती और मौके पर पहुंचती, तो महिला की जान बच सकती थी। पहले भी सामने आ चुकी है लापरवाही
यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले दो महीनों में तामिया-चावलपानी क्षेत्र में एम्बुलेंस सेवा को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। कुछ दिन पहले ही एक अन्य गर्भवती महिला को रेफर करने के बाद 6 घंटे तक एम्बुलेंस नहीं मिली थी। महिला की हालत गंभीर थी और स्थानीय समाजसेवियों के हस्तक्षेप के बाद ही उसे अस्पताल पहुंचाया जा सका।
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