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Sidhi News: विकास ने कहा कि वड़े के स्वाद का असली राज उनकी खास तैयारी में छिपा है. उड़द दाल को एक दिन पहले भिगोया जाता है, फिर सुबह उसे पीसकर उसमें जीरा, अजवाइन, मेथी और मिर्च पाउडर जैसे मसाले मिलाए जाते हैं. इसके बाद मिश्रण को काफी देर तक फेंटा जाता है, जिससे वड़ा मुलायम और स्वादिष्ट बनता है.
सीधी. मध्य प्रदेश के सीधी शहर में जहां एक तरफ फास्टफूड का चलन तेजी से बढ़ रहा है, वहीं कलेक्ट्रेट चौराहे के पास लगने वाला रामेश्वरम नाम का ठेला आज भी अपने बघेलखंडी स्वाद के कारण लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. यहां मिलने वाली इडली और वड़ा का स्वाद इतना खास है कि नाश्ते के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है. हालात ऐसे रहते हैं कि गरमा-गरम वड़ा कड़ाही से निकलते ही कुछ ही मिनटों में खत्म हो जाता है और ग्राहकों को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ता है. ठेले को चलाने वाले विकास कुमार केवट ने लोकल 18 से कहा कि उनके यहां बनने वाला वड़ा पूरी तरह देसी तरीके से तैयार किया जाता है. इसमें चावल और उड़द दाल का उपयोग होता है, जिसमें प्याज, नमक और मौसम के अनुसार भाजी भी मिलाई जाती है. वहीं चटनी बनाने के लिए लहसुन, अदरक और चने का खास मिश्रण तैयार किया जाता है, जो स्वाद को और भी बढ़ा देता है. एक वड़ा सिर्फ 15 रुपये में मिलता है जबकि 30 रुपये में प्लेट दी जाती है. रोजाना करीब 300 प्लेट बिक जाती हैं, जिससे लगभग 4000 रुपये की बचत हो जाती है.
विकास बताते हैं कि स्वाद का असली राज उनकी खास तैयारी में छिपा है. उड़द दाल को एक दिन पहले भिगोकर रखा जाता है, फिर सुबह उसे पीसकर उसमें जीरा, मेथी, अजवाइन और मिर्च पाउडर जैसे मसाले मिलाए जाते हैं. इसके बाद मिश्रण को लंबे समय तक फेंटा जाता है, जिससे वड़ा मुलायम और स्वादिष्ट बनता है. तैयार मिश्रण को गोल आकार देकर गरम तेल में तला जाता है और फिर सांभर में डुबोया जाता है. ऊपर से नारियल चटनी, ठंडी दही और मीठी चटनी डालकर इसे परोसा जाता है.
सुबह 8:30 बजे से मिलता है नाश्ता
इस ठेले की खास बात यह भी है कि यहां ठंडा दही, नारियल चटनी, टमाटर चटनी, सांभर और प्याज के साथ स्वादिष्ट नाश्ता मिलता है. दुकान सुबह 8:30 बजे से दोपहर 2 से 3 बजे तक ही खुलती है लेकिन इस दौरान ग्राहकों की भारी भीड़ लगी रहती है.
यहां का स्वाद सबसे अलग
स्थानीय निवासी अनिरुद्ध सिंह चौहान बताते हैं कि वह पिछले एक साल से यहां नाश्ता करने आ रहे हैं. शहर में कई जगह इडली-वड़ा मिलता है लेकिन यहां का स्वाद सबसे अलग है. एक बार खाने के बाद लोग बार-बार यहां आने को मजबूर हो जाते हैं.
आज के आधुनिक दौर में भी यह ठेला अपने देसी स्वाद और गुणवत्ता के कारण लोगों के दिलों में जगह बनाए हुए है. अगर आप कभी सीधी जाएं, तो कलेक्ट्रेट चौराहे के पास इस ठेले पर रुककर इडली और वड़े का स्वाद जरूर चखें.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.