2026 में भी 5-5 बच्चे? धीरेंद्र शास्त्री की अपील के बीच मैहर कलेक्टर का तल्ख अंदाज

2026 में भी 5-5 बच्चे? धीरेंद्र शास्त्री की अपील के बीच मैहर कलेक्टर का तल्ख अंदाज


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मैहर कलेक्टर ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं और जमीनी कार्यकर्ताओं की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं. जिला अस्पताल के निरीक्षण के समय उन्हें एक ऐसी महिला मिली जिसने 5वें बच्चे को जन्म दिया था. इसके बाद तो कलेक्टर ने जो कहा, अब खूब वायरल हो रहा है. देखिए Video

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मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी.

Maihar Collector News: बागेश्वर बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नागपुर में कथा के दौरान हिंदुओं से 4 बच्चे पैदा करने और उनमें से एक बच्चा RSS को सौंपने की अपील की है. इस बयान पर देश भर में बहस छिड़ी है. वहीं, मैहर जिला कलेक्टर की सोच कुछ अलग है. कलेक्टर विदिशा मुखर्जी का भी एक बयान सुर्खियों में है.

दरअसल, कलेक्टर सिविल अस्पताल का निरीक्षण कर रही थी. तभी प्रसूत विभाग में एक महिला मिली, जिसने 5वें बच्चे को जन्म दिया था. कलेक्टर ये देख कर रुक गईं. बातचीत में कलेक्टर ने महिला को समझाइश भी दी. कहा, ‘आज के समय में पांच बच्चे सोचना बहुत बड़ी लापरवाही है’. पास खड़ी महिला से कहा, ‘तुम तो जेठानी हो समझाओ इन्हें.’

तो हमारी पूरी मशीनरी फेल है…
अस्पताल से बाहर आने के बाद मीडिया के सामने कलेक्टर ने स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के कामकाज को लेकर सख्त नाराजगी जाहिर की है. कलेक्टर ने कहा, हम 2026 में जी रहे हैं, लेकिन समाज में आज भी बेटे की चाहत खत्म नहीं हुई है. उन्होंने हैरानी जताई कि आज के दौर में भी महिलाएं पांच-पांच बच्चों के बारे में सोच रही हैं. डीएम ने साफ शब्दों में कहा, ‘अगर हम लोगों को फैमिली प्लानिंग के बारे में नहीं समझा पा रहे हैं, तो एएनएम, आशा कार्यकर्ता और सुपरवाइजर के तौर पर हमारी पूरी मशीनरी फेल है.’

एनीमिया की स्थिति पर चिंता
अस्पताल में दौरे के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई. कलेक्टर ने एक ऐसी गर्भवती महिला को देखा जिसका हीमोग्लोबिन लेवल मात्र 6 था. उन्होंने सवाल किया कि आखिर स्वास्थ्य कार्यकर्ता क्या कर रहे हैं? हीमोग्लोबिन 12 से कम होना ही खतरनाक माना जाता है, ऐसे में डिलीवरी के वक्त हीमोग्लोबिन 6 होना जानलेवा हो सकता है. उन्होंने पूछा कि महिला को शुरुआती दौर में ही इलाज और सही सलाह क्यों नहीं मिली?

बदलाव के लिए अभियान की जरूरत
कलेक्टर ने उदाहरण दिया कि आज मध्य प्रदेश में 31% कलेक्टर्स महिलाएं हैं. जब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, तो समाज को इन पुरानी बेड़ियों से बाहर निकलना ही होगा. उन्होंने निर्देश दिए कि एक बड़ा अभियान चलाया जाए ताकि लोगों की सोच बदली जा सके. साथ ही, उन्होंने जिले से ‘सिकल सेल एनीमिया’ को पूरी तरह खत्म करने का संकल्प भी दोहराया.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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