निर्मला सप्रे के दलबदल केस पर HC ने लगाई लताड़, कब होगी अगली सुनवाई

निर्मला सप्रे के दलबदल केस पर HC ने लगाई लताड़, कब होगी अगली सुनवाई


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Nirmala Sapre Defection Case: निर्मल सप्रे की विधायकी शून्य करने की मांग पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव कुमार सचदेवा ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि दलबदल मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने 90 दिनों के भीतर निर्णय देने की समय सीमा तय की है. तो 720 दिनों में भी मामले का निराकरण क्यों नहीं हो पाया. अब मामले की अगली सुनवाई 18 जून को तय की गई है.

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निर्मला सप्रे के दलबदल मामले में हाईकोर्ट हुआ सख्त

Nirmala Sapre: मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ दलबदल की याचिका नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लगाई थी, जिस पर जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई, जहां चीफ जस्टिस संजीव कुमार सचदेवा ने सख्त रुख अपनाया है. नेता प्रतिपक्ष ने निर्मला सप्रे की विधायकी शून्य करने की मांग की थी.

सख्त हुए चीफ जस्टिस संजीव कुमार सचदेवा
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस संजीव कुमार सचदेवा ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि दलबदल मामले में 90 दिन में फैसले की समयसीमा है. 720 दिनों में क्यों निराकरण नहीं हुआ है. एडवोकेट जनरल स्पीकर के संज्ञान में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन में लाएं. अब अगली सुनवाई 18 जून को तय की गई है. अदालत ने सुनवाई के दौरान नेता प्रतिपक्ष के द्वारा विधायकी शून्य करने की याचिका पर पक्षों से जवाब भी मांगा.

एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह ने जबलपुर हाईकोर्ट में जवाब देते हुए कहा कि विधानसभा स्पीकर मामले की विधिवत सुनवाई कर रहे हैं. उमंघ सिंघार द्वारा पेश साक्ष्यों को जांचने की कार्यवाही चल रही है. दूसरी तरफ उमंग सिंघार के वकील विभोर खंडेलवाल ने मांग करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 90 दिन की समय सीमा का पालन है.

कांग्रेस ने निर्मला सप्रे को भी जारी किया था व्हिप
27 अप्रैल को मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के लिए कांग्रेस के विधायकों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया था. खास बात ये रही है कि ये ईमेल के माध्यम से यह कांग्रेस ने यह व्हिप निर्मला सप्रे को भी भेजा था. इस व्हिप में यह निर्देश दिया गया था कि नारी शाक्ति वंदन अधिनियम के संकल्प के प्रस्ताव पर वोटिंग होने पर पार्टी के पक्ष में मतदान करें.

क्या है पूरा मामला
निर्मला सप्रे ने कांग्रेस के टिकट पर साल 2023 में बीना सीट से चुनाव जीता था, लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 में वह बीजेपी नेताओं के साथ मंच पर नजर आई थीं. इसके बाद उनके भारतीय जनता पार्टी के दावे किए गए. फिर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा स्पीकर से सदस्यता रद्द करने की मांग की, जब मामले पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उन्होंने जबलपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां मामला अभी चल रहा है.

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गोविन्द सिंहSenior Sub Editor

गोविन्द सिंह जनवरी 2026 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर Senior Sub Editor कार्यरत हैं, जहां वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्टेट टीम का हिस्सा हैं. किस्सागोई के अंदाज में खबरें पेश कर…और पढ़ें



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