राजगढ़ में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए नई पहल की गई है। एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा कंधे पर स्प्रे पंप टांगकर कलेक्ट्रेट गार्डन में पौधों पर नीमास्त्र का छिड़काव करते नजर आ रहे हैं। यह कदम जिले में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत चल रहे कार्यों को गति देने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह कदम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि प्राकृतिक खेती की योजनाओं को अब बैठकों और निर्देशों से आगे बढ़ाकर जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। जिले में तैयार हो रहा प्राकृतिक खेती का ढांचा जिले में प्राकृतिक खेती के लिए आधारभूत संरचना भी तैयार की जा रही है। अब तक 13 बायो रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें से 8 केंद्रों पर जीवामृत, बीजामृत और नीमास्त्र जैसे जैविक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों को वैज्ञानिक विधि से लगभग 45 दिनों में तैयार कर किसानों तक पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने इन जैविक उत्पादों की कीमतें भी तय कर दी हैं। जीवामृत 500 रुपये प्रति एकड़ (5 लीटर) और नीमास्त्र 500 रुपये प्रति एकड़ (2 लीटर) की दर से उपलब्ध है। यह पहल किसानों को कम लागत पर प्राकृतिक खेती अपनाने का अवसर प्रदान करती है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर उनकी निर्भरता कम हो सकेगी। किसानों पर असर का आकलन बाकी इस पहल को किसानों के बीच प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संकेत हैं कि यह अभियान कागजी प्रक्रिया से आगे बढ़कर खेतों तक पहुंचेगा और किसानों को लाभान्वित करेगा। हालांकि, इसका किसानों पर कितना और कितनी तेजी से असर होगा, यह अभी देखना बाकी है।
Source link