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सुबह ऑफिस के लिए निकले और कार ने धोखा दे दिया? सिर्फ ‘क्लिक-क्लिक’ की आवाज आ रही है या बिल्कुल स्टार्ट नहीं हो रही? घबराने की जरूरत नहीं. कई बार ये सिर्फ बैटरी की छोटी सी समस्या होती है, जिसे आप घर पर ही मिनटों में पहचान सकते हैं. हेडलाइट टेस्ट से लेकर वोल्टेज चेक तक. जानें वो आसान ट्रिक्स, जो आपको मैकेनिक के चक्कर और खर्च दोनों से बचा सकती हैं.
कार स्टार्ट होने में प्रॉम्ब्लम कर रही, तो फॉलो करें ये टिप्स.
हर सुबह ऑफिस जाने की जल्दी में जब कार स्टार्ट नहीं हो रही हो, इंजन सिर्फ ‘क्लिक-क्लिक’ की आवाज कर रहा हो या बिल्कुल कुछ नहीं हो रहा हो, तो सबसे पहले बैटरी पर शक होता है. ठंडी सुबह में बैटरी की समस्या सबसे आम है, क्योंकि रात भर में चार्ज कम हो जाता है. अच्छी बात ये है कि कई बार आप खुद ही घर पर आसान तरीकों से समस्या की पहचान कर सकते हैं और छोटी-मोटी दिक्कत ठीक भी कर सकते हैं. इससे समय और पैसे दोनों बचेंगे. ये छोटे-छोटे घरेलू चेक 70-80% मामलों में बैटरी संबंधी समस्या की सही पहचान कर देते हैं.
अगर इनके बाद भी समस्या बनी रहती है, जैसे क्लिकिंग साउंड के साथ स्टार्ट न होना, तो स्टार्टर, अल्टरनेटर या इग्निशन सिस्टम में गड़बड़ी हो सकती है. तब मैकेनिक को बुलाना बेहतर होगा. खुद चेक करके आप अनावश्यक खर्च और समय बचा सकते हैं. नियमित मेंटेनेंस से कार की बैटरी लंबे समय तक अच्छी रहती है. आइए जानते हैं कि खराब बैटरी की समस्या को घर पर ही कैसे ठीक किया जा सकता है?
हेडलाइट्स और डैशबोर्ड लाइट्स टेस्ट
कार के अंदर बैठें, की को ‘ON’ पोजीशन में घुमाएं, लेकिन स्टार्ट न करें. हेडलाइट्स जलाएं. अगर लाइट्स बहुत धीमी, पीली या बिल्कुल नहीं जल रही हैं, तो बैटरी कमजोर या डिस्चार्ज है. अगर लाइट्स ब्राइट जल रही हैं लेकिन स्टार्ट करने पर इंजन घूमता नहीं, तो समस्या बैटरी कनेक्शन या स्टार्टर में हो सकती है. डैशबोर्ड की लाइट्स भी चेक करें. अगर वे नॉर्मल हैं लेकिन क्रैंकिंग के समय डिम हो जाती हैं, तो बैटरी पर्याप्त पावर नहीं दे पा रही है.
बैटरी टर्मिनल्स (कनेक्शन) देखें
हुड खोलकर बैटरी पर नज़र डालें. चेक करें कि टर्मिनल्स (पॉजिटिव और नेगेटिव) पर सफेद-हरे रंग की जंग (Corrosion) तो नहीं लगी है? अगर लगा है, तो ये आम समस्या है जो करंट फ्लो रोकती है. घर पर आसानी से साफ करें. बेकिंग सोडा और गर्म पानी का घोल बनाएं, पुराने ब्रश से साफ करें, फिर साफ पानी से धोकर सुखाएं. उसके बाद टर्मिनल्स को टाइट करें. ढीले कनेक्शन भी स्टार्टिंग समस्या का बड़ा कारण होते हैं.
बैटरी वोल्टेज टेस्ट (Multimeter से)
अगर घर में मल्टीमीटर उपलब्ध है, तो बैटरी चेक करना बहुत आसान है. इंजन बंद हालत में बैटरी के दोनों टर्मिनल्स पर प्रोब लगाएं. स्वस्थ बैटरी में वोल्टेज 12.4 से 12.8 वोल्ट के बीच होना चाहिए. अगर 12 वोल्ट से कम है, तो बैटरी कमजोर है. कार स्टार्ट करके चेक करें. इंजन चलते समय वोल्टेज 13.7 से 14.7 वोल्ट के आसपास होना चाहिए, जो अल्टरनेटर सही चार्ज कर रहा है इसका संकेत है. अगर चार्जिंग नहीं हो रही है, तो अल्टरनेटर में दिक्कत हो सकती है.
बार-बार बैटरी डाउन होने की वजह
अगर बैटरी नई है या अच्छी लग रही है फिर भी सुबह डाउन हो जाती है, तो ‘पैरासिटिक ड्रेन’ हो सकता है. मतलब गाड़ी बंद होने पर भी कोई पार्ट करंट खींच रहा है. घर पर चेक करने के लिए सभी लाइट्स (ट्रंक, ग्लव बॉक्स, डोम लाइट) बंद करें. अगर संभव हो तो मल्टीमीटर को नेगेटिव टर्मिनल पर एम्पियर मोड में लगाकर करंट ड्रॉ मापें. नॉर्मल ड्रॉ 50 mA से कम होना चाहिए. ज्यादा होने पर फ्यूज एक-एक करके निकालकर टेस्ट करें कि कौन सा सर्किट समस्या पैदा कर रहा है.
अन्य आसान टिप्स
- कार को रात में पार्क करते समय सभी इलेक्ट्रिकल चीजें (म्यूजिक सिस्टम, चार्जर आदि) पूरी तरह बंद करें.
- लंबे समय तक कार इस्तेमाल न करने पर बैटरी को डिस्कनेक्ट कर दें या बैटरी टेंडर/चार्जर का इस्तेमाल करें.
- ठंडे मौसम में बैटरी ज्यादा प्रभावित होती है, इसलिए नियमित चेक जरूरी है.
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न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के रूप में कार्यरत राम मोहन मिश्र 2021 से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और फिलहाल ऑटो डेस्क संभाल रहे हैं. वे कार और बाइक से जुड़ी जानकारी को आसान, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से …और पढ़ें