भिंड जिले के नयागांव थाना क्षेत्र के ग्राम सगरा में करीब तीन साल पहले अवैध बिजली तारों की चपेट में आने से युवक की मौत के मामले में सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने लापरवाही बरतने वाले आरोपी केशव सिंह को दोषी मानते हुए 7 साल के सश्रम कारावास और कुल 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के वक्त मृतक भोलू उर्फ आदित्य बटाई के खेत की जुताई कर रहा था, तभी ट्यूबवेल के लिए बिछाए गए खुले तारों से ट्रैक्टर टकरा गया था जिससे उसे करंट लग गया। ट्यूबवेल के लिए डाले थे अवैध तार, ग्रामीणों की चेतावनी भी अनसुनी की आरोपी केशव सिंह ने ग्राम सगरा में अपने ट्यूबवेल के लिए एलटी (LT) लाइन से अवैध रूप से तार डाल रखे थे। ये तार खेत में गाड़े गए खंभों के नीचे से निकाले गए थे और समय के साथ इनकी प्लास्टिक कोटिंग भी हट गई थी, जिससे वे पूरी तरह खुले और खतरनाक हो गए थे। ग्रामीणों ने कई बार आरोपी केशव सिंह को इन तारों को हटाने के लिए कहा था, लेकिन उसने ग्रामीणों की बातों को अनसुना कर दिया और घोर लापरवाही बरती। खेत जोतते समय ट्रैक्टर में फैला करंट, मौके पर हुई मौत करीब तीन साल पहले भोलू उर्फ आदित्य ने यह खेत बटाई (हिस्से) पर लिया था। घटना वाले दिन वह ट्रैक्टर से खेत की जुताई कर रहा था। इसी दौरान उसका ट्रैक्टर नीचे झूल रहे अवैध तारों की चपेट में आ गया। तारों की कोटिंग हटी होने के कारण ट्रैक्टर में करंट दौड़ गया और भोलू गंभीर रूप से इसकी चपेट में आ गया। जोरदार करंट लगने के कारण भोलू की मौके पर ही मौत हो गई थी। कोर्ट में 13 गवाह पेश हुए, दो धाराओं में मिली सजा हादसे के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और 238 के तहत प्रकरण दर्ज किया। विवेचना पूर्ण होने के बाद मामला सत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मृतक के परिजनों, चिकित्सकों और पुलिसकर्मियों सहित 13 गवाह पेश किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया। कोर्ट ने धारा 105 के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 7000 रुपए जुर्माना तथा धारा 238 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 3000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
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