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ऑस्ट्रेलिया की पारी के दौरान 48वें ओवर में जो हुआ, वह क्रिकेट के नियमों की सीमाओं को छू लेने जैसा था दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज रॉजर टेलीमाकस गेंदबाजी कर रहे थे. इस ओवर में उन्होंने लगातार नो-बॉल फेंकीं और हर नो-बॉल पर बल्लेबाजों ने मौके का पूरा फायदा उठाया. छक्के, चौके और अतिरिक्त रन मिलाकर एक ही गेंद पर कुल 19 रन बन गए
434 के फेमर रन चेज में बना था एक अनोखा रिकॉर्ड, 1 गेंद पर बने ते 19 रन
नई दिल्ली. 12 मार्च 2006… Wanderers Stadium की वह शाम, जिसे क्रिकेट इतिहास कभी भूल नहीं सकता. जब रन बनाना एक कला नहीं, बल्कि तूफान बन चुका था. जब हर गेंद पर कहानी लिखी जा रही थी और जब एक ही गेंद ने ऐसा कारनामा किया, जिसने खेल के सारे गणित को चुनौती दे दी एक गेंद पर 19 रन! एक ऐसा रिकॉर्ड जो कुछ महीने पहले कैरेबियन लीग में दोबारा दोहराया गया.
यह वही ऐतिहासिक मुकाबला था, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 434 रन ठोक दिए थे. कप्तान Ricky Ponting की 164 रनों की विस्फोटक पारी ने मैच को पहले ही एकतरफा बना दिया था लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह मुकाबला क्रिकेट के इतिहास का सबसे रोमांचक अध्याय बनने जा रहा है. टेलीमाकस नाम का ये अफ्रीकी गेंदबाज अपना नाम इतिहास में लिखवा गया.
1 बॉल 21 रन की कहानी
ऑस्ट्रेलिया की पारी के दौरान 48वें ओवर में जो हुआ, वह क्रिकेट के नियमों की सीमाओं को छू लेने जैसा था दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज रॉजर टेलीमाकस गेंदबाजी कर रहे थे. इस ओवर में उन्होंने लगातार नो-बॉल फेंकीं और हर नो-बॉल पर बल्लेबाजों ने मौके का पूरा फायदा उठाया. छक्के, चौके और अतिरिक्त रन मिलाकर एक ही गेंद पर कुल 19 रन बन गए यह एक ऐसा पल था, जिसने दर्शकों को हैरान कर दिया और क्रिकेट प्रेमियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर एक गेंद पर इतने रन कैसे बन सकते हैं. इस घटना ने यह साबित कर दिया कि क्रिकेट में कुछ भी असंभव नहीं है. एक छोटी सी गलती नो-बॉल कैसे मैच का रुख बदल सकती है, यह इस ओवर ने दिखा दिया उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही मैच आगे चलकर इतिहास का सबसे बड़ा रन-चेज भी बनेगा.
हर्शेल गिब्स ने टेलीमाकस का पाप छुपा दिया
जब दक्षिण अफ्रीका बल्लेबाजी करने उतरी, तो लक्ष्य पहाड़ जैसा था 435 रन लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया. हर्शेल गिब्स की 175 रनों की तूफानी पारी और मार्क बाउचर के आखिरी क्षणों में किए गए निर्णायक रन ने इस मैच को अमर बना दिया. दक्षिण अफ्रीका ने 438 रन बनाकर इतिहास रच दिया ODI क्रिकेट का सबसे सफल रन-चेज. यह मुकाबला सिर्फ रनों का खेल नहीं था, बल्कि यह उस जज़्बे और जुनून की कहानी थी, जो क्रिकेट को खास बनाता है. एक तरफ 434 का विशाल स्कोर, दूसरी तरफ 438 का असंभव सा लक्ष्य, और बीच में एक गेंद पर 19 रन यह सब मिलकर इस मैच को “द ग्रेटेस्ट वनडे एवर” बना देता है.
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें