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मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में खनन माफिया की बेखौफ गतिविधियां सामने आई हैं. खनिज विभाग ने खैरी गांव के एक स्टोन क्रेशर पर छापा मारकर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और भंडारण का खुलासा किया है, लेकिन कार्रवाई के बावजूद खनन जारी रहने से सवाल उठ रहे हैं
सिवनी में खनन माफिया बेखौफ
सिवनी जिले के छपारा ब्लॉक के खैरी गांव में खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टोन क्रेशर में हो रहे अवैध उत्खनन का पर्दाफाश किया है। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि स्वीकृत क्षेत्र से बाहर करीब 190 घन मीटर मुरम का खनन किया गया था. वहीं 290 घन मीटर गिट्टी का अवैध भंडारण भी पाया गया.इस पूरे मामले को और गंभीर बनाती हैं वे ड्रोन तस्वीरें, जो अब सामने आई हैं। इन तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह बड़े पैमाने पर नियमों को ताक पर रखकर खनन किया जा रहा था। ड्रोन फुटेज ने अवैध उत्खनन की परतें खोलकर रख दी हैं और यह साबित कर दिया है कि खनन गतिविधियां लंबे समय से जारी थीं.
खनिज विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्टोन क्रेशर का निरीक्षण किया, जहां कई अनियमितताएं सामने आईं. इसके बाद विभाग ने कार्रवाई प्रस्तावित कर दी है. मामला कलेक्टर कार्यालय को भेजा गया है. संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही पेनल्टी सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी.हैरानी की बात यह है कि कार्रवाई प्रस्तावित होने के बाद भी स्टोन क्रेशर संचालक बेखौफ होकर अवैध उत्खनन जारी रखे हुए है. इससे न केवल प्रशासनिक कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि खनिज विभाग की कार्यशैली भी कठघरे में आ गई है.
खैरी स्टोन क्रेशर पर छापा
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन जारी है, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है. बावजूद इसके, समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं होने से खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं.इस पूरे मामले में खनिज विभाग के अधिकारियों से सवाल किए जा रहे हैं, लेकिन वे जवाब देने से बचते नजर आ रहे हैं. इससे यह भी सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्रवाई के बाद भी अवैध खनन क्यों नहीं रुक रहा है.फिलहाल, कलेक्टर कार्यालय से आगे की कार्रवाई का इंतजार है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है और क्या खनन माफिया पर लगाम लग पाती है या नहीं.