6 शिक्षकों की मेहनत लाई रंग, 4% से 100% तक पहुंचा रिजल्ट, मजदूरी करने वाले बच्चों का दिखा

6 शिक्षकों की मेहनत लाई रंग, 4% से 100% तक पहुंचा रिजल्ट, मजदूरी करने वाले बच्चों का दिखा


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Burhanpur News: बुरहानपुर के आदिलपुरा स्थित एक सरकारी हाई स्कूल में 6 शिक्षकों की मेहनत से बड़ा बदलाव आया है, जहां पहले केवल 4% रिजल्ट आता था, वहीं अब 3 साल की कड़ी मेहनत के बाद स्कूल ने 100% रिजल्ट हासिल किया है. शिक्षकों ने बच्चों को मजदूरी से हटाकर पढ़ाई की ओर प्रेरित किया और परिवार जैसा माहौल देकर शिक्षा से जोड़ा.

Burhanpur govt school 100 percent result: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में आज भी कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं कि जहां पर शिक्षक खुद अपना घर परिवार मानकर विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करवाते हैं. बुरहानपुर के आदिलपुरा क्षेत्र की सरकारी हाई स्कूल में केवल चार परसेंट ही रिजल्ट बनता था और यह क्षेत्र मजदूर वर्ग का क्षेत्र था. यहां के बच्चे भी स्कूल में पढ़ाई करने के साथ-साथ मजदूरी करने के लिए जाते थे, लेकिन जब ऐसे कुछ छे शिक्षक एकत्रित हुए और उन्होंने यह प्रण लिया. इस स्कूल में अपनी पद स्थापना ग्रहण करते हैं और वहां का रिजल्ट सुधारेंगे. इसके लिए उन्होंने प्रयास किया 3 साल की कड़ी मेहनत के बाद यह नतीजा रहा है. उनका कहना है कि हमको इसके लिए हमारे एग्रीमेंट तक कटवाना पड़े हैं, लेकिन हमने विद्यार्थियों की मजदूरी छुड़वाई और अब विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा से जोड़ा परिवार जैसा माहौल दिया. आज इस स्कूल में हंड्रेड परसेंट रिजल्ट लगा है. कलेक्टर से लेकर तो पूरे जिले के अफसर इस स्कूल के शिक्षकों की तारीफ कर रहे हैं. इस स्कूल में तीन कमरे हैं जहां पर करीब दो शिफ्ट में 203 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं.

शिक्षकों ने दी जानकारी 
लोकल 18 की टीम ने जब आदिलपुरा हाई स्कूल के प्राचार्य कमरुद्दीन फलक से बात की तो उन्होंने बताया कि पहले दूसरी स्कूल में थे. हम 6 शिक्षकों ने यह प्लान किया कि इस स्कूल का प्रतिशत नहीं सुधर रहा है. केवल 4% रिजल्ट आता है. इस स्कूल में अपनी पदस्थापना कराते हैं और वहां पर बच्चों को अच्छी शिक्षा ग्रहण कराने का प्रयास करते हैं. यह काम शुरू किया शुरुआत इंदौर में हमको काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. जब हम अच्छे कपड़े पहन कर जाते थे और बच्चे इस हमारे पहनने को देखकर अपनापन महसूस नहीं कर पाते थे, तो हमने सबसे पहले तो अपने पहनावे को बदला और बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर उनसे जुड़ने का काम किया. समय लगता गया विद्यार्थी जुड़ते गए और उनके परिवारों से संपर्क किया. उनको शिक्षा का महत्व बताया, विद्यार्थियों ने पढ़ाई लिखाई में रुचि दिखाना शुरू कर दिया, जिससे आज स्कूल का रिजल्ट सुधर गया है. जिले में हंड्रेड प्रतिशत इस सरकारी स्कूल का रिजल्ट रहा है. कक्षा दसवीं में सभी विद्यार्थी 90% के ऊपर लाकर पास हुए. यह क्षेत्र मजदूर वर्ग का क्षेत्र है और इस स्कूल में 203 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं.

विद्यार्थियों ने दी जानकारी 
लोकल 18 की टीम ने जब विद्यार्थियों से बात की तो उन्होंने बताया था कि पहले वो स्कूल भी पढ़ने जाते थे और मजदूरी करने के लिए भी जाते थे. क्योंकि उनके परिवार के हालात ठीक नहीं है, लेकिन जैसे ही यह 6 शिक्षकों की नियुक्ति हुई तो शिक्षकों ने उनके परिवार में आकर हमारे माता-पिता को समझाइश दी और शिक्षा का महत्व बताया. इसके बाद से हमारे माता-पिता ने हमको मजदूरी पर जाना बंद करवा दिया. हमने पढ़ाई लिखाई में ही अपना मन लगाया और हम दिन रात शिक्षकों के बताए रास्ते पर चलते गए. उसी का नतीजा है कि आज उनका हंड्रेड प्रतिशत रिजल्ट रहा है. अब गरीब परिवार के बच्चे अच्छी शिक्षा ग्रहण कर डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, पुलिस अधिकारी बनना चाहते हैं और इसके लिए प्रयास कर रहे हैं.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



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