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Khandwa News: आज के समय में जहां भीषण गर्मी पशुओं के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है. वहीं, खंडवा की यह गौशाला एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है. यहां की व्यवस्थाएं यह दिखाती हैं कि अगर मन में सेवा भाव हो, तो हर परिस्थिति में पशुओं को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सकता है.
Vip arrangements for cows: निमाड़ के खंडवा में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है. इंसानों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी यह समय बेहद कठिन हो गया है. ऐसे हालात में खंडवा की एक गौशाला ने गोवंश के लिए ऐसी अनोखी व्यवस्था की है, जिसे देखकर हर कोई तारीफ कर रहा है. श्री गणेश गौशाला में भीषण गर्मी से गायों को बचाने के लिए विशेष ‘वीवीआईपी इंतजाम’ किए गए हैं. यहां गायों के बाड़ों में बड़े जंबो कूलर और पंखे लगाए गए हैं, जिससे अंदर का तापमान सामान्य बना रहता है. इसके साथ ही शावर सिस्टम भी लगाया गया है, जिसके जरिए समय-समय पर पानी का छिड़काव कर गायों को ठंडक पहुंचाई जाती है.
तपन से बचाने के लिए खास इंतजाम
गौशाला प्रबंधन ने जमीन की तपन से बचाने के लिए भी खास इंतजाम किए हैं। बाड़ों के नीचे और ऊपर ग्रीन नेट लगाया गया है, जिससे गर्म हवा और धूप का असर काफी हद तक कम हो जाता है. इतना ही नहीं, खुले स्थानों पर भी ग्रीन नेट का बड़ा मंडप तैयार किया गया है, ताकि गायों को हर समय छांव मिल सके और वे आराम से बैठ सकें. यह गौशाला करीब 100 साल पुरानी है और वर्ष 1925 से लगातार गोसेवा का कार्य कर रही है. वर्तमान में यहां क्षमता से अधिक लगभग 500 गोवंश की देखभाल की जा रही है. इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की सेवा करना अपने आप में बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन गौशाला समिति इस काम को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभा रही है.
गौवंश के खान-पान में भी विशेष बदलाव
गर्मी के मौसम को देखते हुए गौवंश के खान-पान में भी विशेष बदलाव किया गया है. उन्हें नियमित रूप से हरी सब्जियां जैसे लौकी, ककड़ी, टिंडा और तरबूज खिलाया जा रहा है, जिससे उनके शरीर में पानी की कमी न हो और वे हीट स्ट्रेस से बचे रहें. इसके अलावा जरूरत पड़ने पर गायों को ग्लूकोज, नमक और गुड़ का घोल भी दिया जाता है, जिससे उन्हें ऊर्जा मिलती है और लू का असर कम होता है. पानी की पर्याप्त व्यवस्था के लिए गौशाला में बड़े-बड़े टैंक बनाए गए हैं, ताकि हर समय साफ और ठंडा पानी उपलब्ध रहे. पशु चिकित्सकों की देखरेख में समय-समय पर दवाइयों का छिड़काव भी किया जाता है, जिससे बीमारियों का खतरा कम हो जाता है.
सेहत और आराम का भी पूरा ख्याल
गौशाला के सचिव रामचंद्र मौर्य बताते हैं कि जब इंसान गर्मी से बचने के लिए कूलर-पंखे का सहारा लेता है, तो गायों को भी वही सुविधा मिलनी चाहिए. इसी सोच के साथ यहां हर जरूरी इंतजाम किए गए हैं, ताकि गोवंश को किसी तरह की परेशानी न हो. गौशाला में करीब 24 कर्मचारी और कई परिवार दिन-रात गोसेवा में लगे हुए हैं. ये लोग न सिर्फ गायों के खाने-पीने का ध्यान रखते हैं, बल्कि उनकी सेहत और आराम का भी पूरा ख्याल रखते हैं। स्थानीय गोभक्त भी बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं, सेवा करते हैं और इस अनोखी व्यवस्था की सराहना करते हैं. आज के समय में जहां भीषण गर्मी पशुओं के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है, वहीं खंडवा की यह गौशाला एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। यहां की व्यवस्थाएं यह दिखाती हैं कि अगर मन में सेवा भाव हो, तो हर परिस्थिति में पशुओं को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सकता है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें