First time there was a boom in Shivna | पहली बार शिवना में आया उफान

First time there was a boom in Shivna | पहली बार शिवना में आया उफान


मंदसौर7 मिनट पहले

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  • दाे दिन से जारी बारिश ने दी राहत : नाहरगढ़-बिल्लाैद मार्ग पर आवागमन बंद, सीतामऊ बायपास पर भी वाहन चालकाें को हुई परेशानी

शनिवार के बाद रविवार को भी तेज बारिश जारी होने से शिवना उफान पर रही। शिवना ने रविवार सुबह पशुपतिनाथ मंदिर के पास तापेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया व बाहर निकल गई। कुछ देर बाद वापस शिवना पशुपतिनाथ का जलाभिषेक करने के लिए आतुर दिखाई दी। दोपहर 2.50 मिनट पर शिवना ने पशुपतिनाथ के गर्भगृह में प्रवेश कर लिया। देर शाम तक शिवना पशुपतिनाथ का जलाभिषेक करती रही। शिवना के उफान पर रहने से नाहरगढ़-बिल्लाैद मार्ग पर आवागमन बंद रहा। वहीं सीतामऊ बायपास पर भी वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दो दिन की अच्छी बारिश से गांधीसागर का वाटर लेवल भी तेजी से बढ़ने लगा। शाम तक गांधीसागर 1300 फीट भरा गया। बारिश के मौसम में पहली बार लोगाें को बारिश का अहसास हुआ है। शनिवार व रविवार को निरंतर तेज व अच्छी बारिश हुई। इससे नदी-नालों में पानी की आवक हुई। इस बारिश से किसानों की चिंता भी कम हुई व शहर में पेयजल संकट भी खत्म हो गया। शनिवार रात को ही शिवना में पानी की आवक तेज हो गई थी। शिवना का बहाव रविवार सुबह तक बढ़ता गया। रविवार सुबह शिवना ने पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में तापेश्वर महादेव मंदिर में प्रवेश किया। तापेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर शिवना वापस उतरने लगी। रविवार को सुबह से जिले व आसपास के क्षेत्र में अच्छी बारिश होने से शिवना दोपहर तक वापस उग्र रूप धारण करने लगी। दोपहर 2.50 मिनट पर शिवना ने पहली बार पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया। करीब आधे घंटे बाद पशुपतिनाथ के चार मुख जलमग्न हो गए। शाम 5.30 बजे तक धीरे-धीरे शिवना का जलस्तर बढ़ता गया। शाम 6 बजे शिवना मंदिर परिसर में नीचे हॉल तक पहुंच गई। लंबे समय तक शिवना का जलस्तर उसी लेवल पर बना रहा। शिवना में पानी आने पर शहर का पेयजल संकट भी खत्म हो गया। अब नपा वापस एक दिन छोड़कर पेयजल वितरण करेगी।

गांधीसागर बांध : पिछले साल 1312 फीट पर खोले थे गेट, इस बार 1304 फीट पर ही करेंगे समीक्षा

अच्छी बारिश से शिवना व चंबल में आवक बनी हुई है। इससे गांधीसागर बांध में रविवार को 3 लाख 30 हजार क्यूसेक प्रति सेकंड आवक बनी हुई है। यही कारण है कि गांधीसागर का वाटर लेवल रविवार शाम को 1301 फीट पहुंच गया। गांधीसागर की क्षमता 1312 फीट की है। गतवर्ष 1312 फीट तक पानी भराने पर बांध के गेट खोले थे। इस पर स्थिति को देखते हुए 1304 फीट तक पानी आने के बाद बारिश व आवक को देखते हुए समीक्षा की जाएगी। इधर, जिले में दो दिन पहले तक अच्छी बारिश नहीं होने से मल्हारगढ़ के काका गाडगिल सागर में लो लेवल पानी भी नहीं आया। जबकि रेतम बैराज में मात्र एक फीट पानी भराया है। कलेक्टर मनाेज पुष्प के अनुसार इसी तरह आवक बनी रही तो गांधीसागर के छोटे गेट सोमवार दोपहर तक खोले जा सकते हैं।

किसानों की चिंता दूर, बेहतर बारिश से फसलाें काे मिलेगा लाभ
शनिवार व रविवार को हुई अच्छी बारिश से जिले में किसानों ने बड़ी राहत की सांस ली है। दो माह से अच्छी बारिश नहीं होने से फसलों की स्थिति नाजुक बनी हुई थी। सोयाबीन में पानी की कमी से पत्ते पीले होने लगे थे। दो दिन की बारिश से सोयाबीन को मानो नया जीवनदान मिल गया। वहीं फसलों को इससे विशेष लाभ होगा।
शहर में पेयजल संकट भी खत्म, जल्द सुधरेगी जलप्रदाय व्यवस्था
शिवना में पानी नहीं होने पर नपा दो दिन छोड़कर मात्र 25 मिनट पानी दे रही है। अब अच्छी बारिश से शिवना में पानी आ गया है। इससे शहर का पेयजल संकट खत्म हो गया। नपा जलकार्य सभापति दीपिका जैन ने बताया कि सोमवार या मंगलवार से वापस एक दिन छोड़कर पर्याप्त पानी देने की व्यवस्था की जाएगी।

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