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Hameshwar Mahadev Temple: ताप्ती नदी के किनारे स्थित 300 साल पुराना हमेश्वर महादेव मंदिर अपनी अनोखी मान्यता के लिए मशहूर है. कहा जाता है कि जब यहां शिवलिंग पर ताप्ती का जल चढ़ाया जाता है, तो 12 घंटे में बारिश जरूर होती है. यह मंदिर साल में 3 महीने जलमग्न रहता है, फिर भी पूजा-पाठ जारी रहता है.
Burhanpur News: मध्य प्रदेश में आज भी कई प्राचीन मंदिर मस्जिद और गुरुद्वारे और चर्च मौजूद हैं, जिनकी अपनी-अपनी कहानियां हैं. इन्हीं में से एक प्राचीन हमेश्वर महादेव मंदिर है, जो बुरहानपुर जिले के ताप्ती नदी के तट पर जैनाबाद में मौजूद है. इस मंदिर की कहानी है कि यह मंदिर 3 महीने जलमग्न रहता है.
मंदिर समिति ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम ने जब मंदिर समिति के पूनम चंद बाबा से बात की तो उन्होंने बताया कि मैं बचपन से यह कहानी और यह कहावत सुनते आ रहा हूं कि यह मंदिर 3 महीने जलमग्न रहता है. ताप्ती नदी का जल इस मंदिर में आ जाता है जैसे ही ताप्ती नदी का जलस्तर कम होता है यह मंदिर खुल जाता है, तब हमारे द्वारा साफ सफाई कर रोजाना पूजा अर्चना की जाती है. इस मंदिर की खासियत है कि जब भी जिले में बरसात नहीं होती है और हम लोग ताप्ती नदी का जल शिवजी को चढ़ाते हैं और यह जल ताप्ती नदी में जैसे ही मिलता है. 12 घंटे में बरसात शुरू हो जाती है. हमने कई बार इस कहावत को आजमा कर भी देखा है और वास्तव में ऐसा हुआ भी है.
महाशिवरात्रि पर भंडारे का होता है आयोजन
गांव के लोगों का कहना है कि यह काफी प्राचीन शिव मंदिर है. ताप्ती नदी के तट पर होने से इसका और भी महत्व है. लोग यहां पर सुबह-शाम दर्शन पूजन करने के लिए आते हैं. महाशिवरात्रि के अवसर पर इस मंदिर पर भंडारे का आयोजन भी होता है. बड़ी संख्या में भक्त यहां पर प्रसादी ग्रहण करने पहुंचते हैं. यहां पर विवाह व्यापार और शादी के लिए लोग मन्नत भी मांगते हैं.
Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें
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