विजयवर्गीय का इस्लामाबाद पर तिरंगा फहराने का दावा: इंदौर के कार्यक्रम में दिया बड़ा बयान; कहा- 15 अगस्त को मिली थी कटी-फटी आज़ादी – Indore News

विजयवर्गीय का इस्लामाबाद पर तिरंगा फहराने का दावा:  इंदौर के कार्यक्रम में दिया बड़ा बयान; कहा- 15 अगस्त को मिली थी कटी-फटी आज़ादी – Indore News


स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम।

इंदौर में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जिस आज़ादी के लिए भगत सिंह ने फांसी का फंदा पहना, वह आज़ादी हमें 15 अगस्त 1947 को पूरी तरह नहीं मिली थी, बल्कि

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उन्होंने दावा किया कि एक दिन ऐसा आएगा, जब इस्लामाबाद पर तिरंगा फहराकर अखंड भारत का सपना पूरा होगा। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को कटी-फटी आज़ादी मिली थी।

विजयवर्गीय का बयान मंत्री विजयवर्गीय ने कहा – ‘गलत नीतियों के कारण भारत माता के दो टुकड़े हुए। जिस आज़ादी के लिए भगत सिंह फंदे पर झूले, वह हमें 15 अगस्त को नहीं मिली। हमें अधूरी आज़ादी मिली थी। हम अखंड भारत की कल्पना करते हैं और वह दिन आएगा, जब इस्लामाबाद पर तिरंगा झंडा लहराएगा। मोदी सरकार के नए भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नष्ट किया है और ड्रोन व मिसाइल हमलों का जवाब इस तरह दिया कि हमारे सैनिकों को खरोंच तक नहीं आई।’

कार्यक्रम में देशभक्ति का रंग यह कार्यक्रम इंदौर के श्रमिक क्षेत्र में आयोजित किया गया था, जिसमें विजयवर्गीय ने देशभक्ति गीत ‘ये देश है वीर जवानों का’ और ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ गाकर माहौल को जोश से भर दिया। बाल कलाकार हार्दिक सपकाले ने सैक्सोफोन पर ‘मेरा कर्मा तू, मेरा धर्मा तू’ बजाकर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं।

रात 12 बजे आतिशबाजी की गई, जबकि युवा कवियों ने वीर रस की कविताओं से कार्यक्रम को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम देर रात तक चला।

कम कपड़े वाली लड़कियां पसंद नहीं

मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जून 2025 में लड़कियों के कपड़ों को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें कम कपड़े पहनने वाली लड़कियां पसंद नहीं हैं। विजयवर्गीय एक छोटे भाषण का संदर्भ दे रहे थे, तभी उन्होंने इसकी तुलना छोटे कपड़ों से कर दी।

उन्होंने कहा – ‘हमारे यहां लड़कियां अच्छा पहनें, अच्छा श्रृंगार करें, अच्छे गहने और सुंदर कपड़े पहनें तो इसे अच्छा माना जाता है। लेकिन विदेशों में कम कपड़े पहनने वाली लड़कियों को अच्छा माना जाता है, यह उनकी सोच है।’ विजयवर्गीय ने आगे कहा ‘ऐसा कहते हैं कि जैसे कम कपड़े पहनने वाली लड़की सुंदर लगती है, वैसे ही कम भाषण देने वाला नेता भी अच्छा माना जाता है। विदेश में ऐसी कहावत है, लेकिन मैं इसका पालन नहीं करता और न ही इसे मानता हूं।’



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