बालाघाट के बुढ़ी इलाके में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले करीब 15 दिनों से महिलाएं इस 50 साल पुरानी दुकान को रिहायशी इलाके से हटाने के लिए दिन-रात धरने पर बैठी हैं। बीते दिनों दुकान पर हुई हाथापाई और झड़प के बाद अब यह आंदोलन और तेज हो गया है। बुधवार देर शाम नगर पालिका अध्यक्ष भारती ठाकुर और पार्षद सरिता सोनेकर प्रदर्शन कर रही महिलाओं के बीच पहुंचीं। नपाध्यक्ष ने महिलाओं को सलाह दी कि वे कानून अपने हाथ में न लें और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सबसे पहले है और वे पुलिस अधीक्षक से बात कर यहां पुलिस बल तैनात करने की मांग करेंगी। हालांकि, उन्होंने दुकान हटाने को लेकर कोई तय समय बताने से मना कर दिया है। 40 सालों का दर्द और कलेक्टर को न्योता वार्ड की महिलाओं का कहना है कि वे पिछले 40-50 सालों से इस परेशानी को झेल रही हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी पोस्ट हो रहा है, जिसमें महिलाएं अपनी तकलीफ बताते हुए कलेक्टर से गुहार लगा रही हैं। महिलाओं ने कलेक्टर को चुनौती भरे लहजे में न्योता दिया है कि वे सिर्फ दो घंटे अपने परिवार के साथ इस इलाके में आकर रहें, तब उन्हें असलियत पता चलेगी। वार्ड 24 और 25 की तरह मांग महिलाओं की मांग है कि जिस तरह वार्ड नंबर 24 और 25 से शराब दुकानें हटाई गई हैं, उसी तरह इस दुकान को भी आबादी वाले क्षेत्र से दूर कहीं और शिफ्ट किया जाए। वार्ड पार्षद सरिता सोनेकर ने भी प्रशासन से अपील की है कि लोगों की भावनाओं और सुरक्षा को देखते हुए दुकान को जल्द से जल्द हटाया जाए। फिलहाल, प्रशासन की ओर से कोई ठोस फैसला न आने के कारण महिलाएं पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
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