ग्वालियर7 घंटे पहले
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जिला प्रशासन और नगर निगम ने जनगणना 2027 के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले सुपरवाइजरों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। अनुपस्थित पाए गए सुपरवाइजरों पर केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अपर आयुक्त मुनीश सिंह सिकरवार ने बताया कि निगम आयुक्त के निर्देश पर जनगणना कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है। जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य 1 मई 2026 से शुरू हो चुका है। यह कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाना अनिवार्य है।
निगरानी के दौरान पाया गया कि कुछ सुपरवाइजर और संबंधित कर्मचारी अपने कर्तव्यों से अनुपस्थित हैं। उन्हें क्षेत्रीय कार्यालय से बार-बार फोन के माध्यम से सूचित किया गया, लेकिन उन्होंने कार्य में रुचि नहीं दिखाई। कई मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की भी अनदेखी की गई, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया है।
इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रावधान के अनुसार, जनगणना कार्य में बाधा डालने, सहयोग से इनकार करने या सौंपे गए कार्य को पूरा नहीं करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
इसमें एक हजार रुपए तक का जुर्माना और तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अनुपस्थित सुपरवाइजरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आने वाले दिनों में ऐसे मामलों में तेजी लाई जाएगी, ताकि अन्य कर्मचारियों में जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना बढ़े।
