जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी, मासूमों की मौत पर दखल देने की मांग

जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी, मासूमों की मौत पर दखल देने की मांग


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Bhopal News: पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने पत्र में लिखा, ‘महामहिम राष्ट्रपति जी, आपके संज्ञान में यह विषय लाना अत्यंत आवश्यक एवं जनहित में है कि भारत गणराज्य के मध्य प्रदेश में वर्तमान शासन व्यवस्था गंभीर रूप से विफल होती प्रतीत हो रही है. प्रदेश की निर्वाचित सरकार निरंतर जनता के विश्वास को आहत कर रही है, जिससे जन-जीवन में असुरक्षा एवं अव्यवस्था का वातावरण व्याप्त है.’

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जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को चिट्ठी लिखी है.

रिपोर्ट- वासु चौरे, भोपाल. मध्य प्रदेश में एक के बाद एक हादसों ने प्रदेशवासियों को झकझोर दिया है. हाल ही में बरगी डैम क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई. छिंदवाड़ा के सिरपकांड में कई मासूम काल के गाल में समा गए. वहीं इंदौर में दूषित पानी से कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी. मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसको लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित करते हुए पत्र लिखा है. उन्होंने राष्ट्रपति से राज्य में लगातार हो रही बड़ी घटनाओं और सामूहिक रूप से हो रही मासूमों की मौत पर हस्तक्षेप की मांग की है.

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने पत्र में लिखा, ‘महामहिम राष्ट्रपति जी, आपके संज्ञान में यह विषय लाना अत्यंत आवश्यक एवं जनहित में है कि भारत गणराज्य के मध्य प्रदेश में वर्तमान शासन व्यवस्था गंभीर रूप से विफल होती प्रतीत हो रही है. प्रदेश की निर्वाचित सरकार निरंतर जनता के विश्वास को आहत कर रही है, जिससे जन-जीवन में असुरक्षा एवं अव्यवस्था का वातावरण व्याप्त है. महामहिम, विगत समय में घटित अनेक घटनाएं इस विफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं. 1. छिंदवाड़ा में मासूम बच्चों की मृत्यु जहरीली दवा सेवन से होना, न केवल प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि यह स्वास्थ्य तंत्र की भयावह स्थिति को भी उजागर करता है. 2. इंदौर में जहरीले पानी की आपूर्ति जैसी घटना, मूलभूत सुविधाओं के प्रबंधन में गंभीर चूक को दर्शाती है, जहां जीवनदायिनी सेवा ही जानलेवा बन गई. 3. हाल ही में जबलपुर में क्रूज दुर्घटना में अनेक नागरिकों की असमय मृत्यु ने पूरे देश को झकझोर दिया.’

मुख्यमंत्री पर साधा निशाना
उन्होंने आगे लिखा, ‘अत्यंत दुःख एवं क्षोभ के साथ उल्लेख करना पड़ रहा है कि जिस समय इस दुर्घटना के बाद एक मां और उसके पुत्र के शव निकाले जा रहे थे, जो पूरे देश के लिए अत्यंत मार्मिक एवं पीड़ादायक दृश्य था, उसी समय प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल राजभवन में महाराष्ट्र एवं गुजरात के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित लोक नृत्य कार्यक्रम में उपस्थित होकर उत्सव में सम्मिलित थे. यह आचरण प्रशासनिक संवेदनशीलता के विपरीत तथा जन-भावनाओं के प्रति असम्मान को दर्शाता है. इन घटनाओं के अतिरिक्त प्रदेश में निरंतर हो रहे सड़क हादसे, किसानों की समस्याएं एवं आमजन की पीड़ा भी अत्यंत गंभीर चिंता का विषय हैं. हाल ही में धार जिले में सड़क दुर्घटना में अनेक आदिवासी नागरिकों की मृत्यु इस बात का संकेत है कि सुरक्षा और प्रशासनिक उत्तरदायित्व दोनों ही स्तरों पर कमी है.’

सरकार के प्रति घट रहा विश्वास
जीतू पटवारी ने लिखा, ‘उपरोक्त घटनाएं मात्र उदाहरण हैं. वस्तुस्थिति यह है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है. सरकार के प्रति जनता का विश्वास निरंतर घट रहा है और भय एवं असंतोष का वातावरण बन रहा है. अतः आपसे सादर निवेदन है कि इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेकर प्रदेश सरकार को आवश्यक मार्गदर्शन एवं निर्देश प्रदान करने की कृपा करें, जिससे प्रदेश में सुशासन, सुरक्षा एवं जन-विश्वास की पुनर्स्थापना हो सके. आपके संवेदनशील एवं न्यायोचित हस्तक्षेप से ही वर्तमान परिस्थितियों में सुधार की आशा है.’

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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